पटना जू में चलेगी ‘छुकछुक’, कैमूर बनेगा टाइगर रिजर्व
- अवैध पेड़ काटने वालों पर होगी कार्यवाई : मंत्री
- पटना से डोभी तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर : मंत्री प्रमोद कुमार
पटना। संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना में बुधवार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता विभाग के माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने की। इस अवसर पर मंत्री ने विभाग की अब तक की प्रमुख उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले समय की कार्ययोजना को विस्तार से साझा किया।
प्रेस वार्ता में सबसे आकर्षक घोषणा पटना जू में बच्चों के लिए टॉय ट्रेन की सुविधा को लेकर रही। मंत्री ने बताया कि आगामी महीनों में जैविक उद्यान में ‘छुकछुक’ ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे बच्चों के साथ-साथ पर्यटकों को भी जू भ्रमण का नया और रोमांचक अनुभव मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में फसल नुकसान की समस्या पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि अब फसल बर्बाद करने वाले घोड़प्रास पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि डीएफओ स्तर से घोड़प्रास को शूट करने की अनुमति दी जाएगी। एक बार में 50 घोड़प्रास को शूट करने की अनुमति होगी। इसके लिए शूटर को 750 रुपये और मृत पशु को दफनाने वालों को 1250 रुपये दिए जाने का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में मंत्री ने कैमूर वन्यप्राणी आश्रयणी को टाइगर रिज़र्व घोषित करने की मंजूरी मिलने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
विभाग के पीसीसीएफ (हॉफ) पी. के. गुप्ता ने जानकारी दी कि बगहा में रिप्टाइल्स इन्क्यूबेशन कम इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जो शोध, संरक्षण और जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
रामसर स्थलों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष तीन नए रामसर साइट घोषित होने के बाद बिहार में अब कुल छह रामसर साइट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आर्द्रभूमियों के संरक्षण के क्षेत्र में बिहार निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटना से डोभी तक ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी साझा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गूलर, पीपल, पाकड़ और फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के 20 स्थलों पर ईको-टूरिज्म विकसित किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर जिन पेड़ों की कटाई हो रही है, उनके बदले व्यापक स्तर पर पौधारोपण भी किया जा रहा है, ताकि संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

