खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा बैठक, राजस्व लक्ष्य व अवैध खनन पर सख्त निर्देश
• राजस्व लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को स्पष्टीकरण
• बालू घाटों की नीलामी में तेजी का निर्देश
आज दिनांक 06.01.2026 को माननीय उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में खान एवं भूतत्व विभाग की विभागीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक में राजस्व संग्रहण, बालू घाटों की नीलामी, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्यों की प्रगति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि रोहतास, पटना, गया, जहानाबाद, लखीसराय, मुंगेर, बेगुसराय, वैशाली, शिवहर, कटिहार, मधुबनी, भागलपुर, सारण एवं मधेपुरा जिले राजस्व समाहरण लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं। इस पर निदेशक महोदय ने संबंधित जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों (एमडीओ) एवं खनन निरीक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि 1 सप्ताह पश्चात इन जिलों द्वारा किए गए प्रयासों की पुनः गहन समीक्षा की जाएगी।
बैठक में आगामी एक सप्ताह के भीतर बालू घाटों की नीलामी को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा दंड मद में की जा रही कार्रवाइयों में ठोस प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
सूचनादाताओं से प्राप्त जानकारियों पर त्वरित कार्रवाई करने एवं लंबित शिकायतों का प्राप्ति के दिन निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सफेद एवं पीले बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने, अनिलामित बालू घाटों की नीलामी हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को विभाग की ओर से पत्र प्रेषित करने तथा माननीय न्यायालय के अधीन लंबित CWJC/MJC मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए प्रयास करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
इसके अतिरिक्त K लाइसेंस के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा प्राप्त सभी आवेदनों का अनिवार्य रूप से 16 जनवरी 2026 तक निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जब्त बालू एवं वाहनों की नीलामी जनवरी माह तक पूर्ण करने का आदेश भी जारी किया गया।
निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा ने सभी पदाधिकारियों को राजस्व संग्रहण बढ़ाने, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।


