पटना नगर निगम ने वर्ष 2025 में शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं नगर निगम के सतत प्रयासों, योजनाबद्ध कार्यप्रणाली एवं नागरिकों के सहयोग से राजधानी पटना के शहरी विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है और इसी दिशा में अपनी प्रतिबद्धता बनाये रखते हुए वर्ष 2026 में भी कई कार्य योजना लागू की जाएगी।
वर्ष 2026 में वेंडिंग जोन्स होंगे व्यवस्थित
वर्ष 2025 में मॉडल के रूप में विकसित
कदमकुआ वेंडिंग जोन ने कदमकुआं इलाके में सड़क सब्जी बेचने वाले दुकानदारों को स्थायी जगह मिला साथ ही अतिक्रमण एवं यातायात समस्या भी दूर हुई ।इस मॉडल को अपनाते हुए पटना नगर निगम द्वारा आप पटना शहर वेंडिंग जोन बनाए जाएँगे। इसी कड़ी पटना नगर निगम के अंतर्गत नूतन राजधानी अंचल, पाटलिपुत्र अंचल, बांकीपुर अंचल एवं कंकड़बाग अंचल में वेंडिंग जोनों की संख्या प्रस्तावित की गई है। पाटलिपुत्र अंचल में 10 , बांकीपुर अंचल में -4 , नूतन राजधानी अंचल में 7 और कंकड़बाग अंचल में 5 वेंडिंग जोन बनेंगे ।नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त सहित सभी संबंधित अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान वेंडिंग जोनों के स्थान की उपयुक्तता, यातायात सुगमता तथा आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। इस पहल का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को सुव्यवस्थित एवं वैधानिक रूप से कार्य करने हेतु समुचित स्थान उपलब्ध कराना।
स्वच्छता अभियान एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
वर्ष 2025 में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को और प्रभावी बनाया गया। गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष जोर दिया गया जिससे कचरा प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल हुआ। पटना नगर निगम ने शहरी विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) के सहयोग से मेगा एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की शुरुआत की जो पटना को स्वच्छ, हरित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के तहत 15 मेगावाट अपशिष्ट-से-बिजली संयंत्र, 100 टीपीडी बायो-सीएनजी प्लांट, एमआरएफ/आरडीएफ इकाइयां, 700 टीपीडी खाद संयंत्र एवं वैज्ञानिक सेनेटरी लैंडफिल की स्थापना की जाएगी। परियोजना से कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सैकड़ों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस पहल में एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी सहित 7–8 बहुराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रही हैं, जिससे बिहार में शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नया मानक स्थापित होगा।
नागरिक सुविधाओं का विस्तार
नगर निगम द्वारा सड़कों एवं फुटपाथों के निर्माण एवं मरम्मती युद्ध स्तर पर की जाएगी । जलजमाव की समस्या के समाधान हेतु नाला उड़ाही एवं ड्रेनेज सुधार कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएँगे।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए अधिष्ठापित स्ट्रीट लाइट एवं हाई मास्ट लाइट के अलावा और लाइट लगाए जाएँगे ताकि पटना शहर का हर कोना रौशन हो। गौरतलब है अभी पटना नगर निगम द्वारा सर्वे किया जा रहा है ।सर्वे के उपरांत उपलव्ध आकड़ों (कितने लाइट्स लगाए जाने है) के अनुसार आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रोज़ल) बना कर उस कार्य को पूर्ण किया जाएगा।
वर्ष 2025 में पटना नगर निगम द्वारा सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण एवं पिंक टॉयलेट्स की स्थापना के क्षेत्र में किए गए कार्यों को आगामी अवधि में और अधिक विस्तारित एवं सुदृढ़ किया जाएगा भविष्य में योजना बना कर शहर के विभिन्न भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक, सौंदर्यपूर्ण एवं सुविधायुक्त शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विशेष रूप से महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट्स के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।
शहर की दीवारों पर उकेरी जाएंगी रंगों से सजी आकर्षक पेंटिंग्स
पटना नगर निगम द्वारा शहर की सौंदर्यात्मक छवि को और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से चयनित सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख मार्गों की दीवारों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग उकेरे जाएगा इन पेंटिंग्स में कलात्मक विषय-वस्तु के साथ रंगों का बेमिसाल संयोजन प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे शहर को एक नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।

