डॉ प्रेम कुमार, माननीय सहकारिता मंत्री द्वारा बिहार राज्य सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संघ के 66 वे अधिवेशन का किया गया उद्घाटन।
आज डॉ प्रेम कुमार, माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग ने पटना के अधिवेशन भवन परिसर में बिहार राज्य सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संघ के 66 वे अधिवेशन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संघ के कार्यकारिणी का निर्वाचन करवाया गया। कार्यक्रम में राज्य भर से करीब 750 सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों ने भाग लिया। संघ ने माननीय मन्त्री महोदय के समक्ष अपनी समस्याओं को भी रखा। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने कहा कि सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सहकारिता विभाग की रीढ़ है। जमीनीस्तर पर सभी कार्यो, योजनाओं का निष्पादन इन्ही के द्वारा किया जाता है इसलिए इनका दायित्व अधिक है। साथ ही, विभाग की भी यह जिम्मेदारी है कि इनकी समस्यायें से अवगत होकर उनका निदान करे। उन्होंने कहा कि उनके विभिन्न ज़िलों के भ्रमण के दौरान सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों से मुलाक़ात की जाती है एवम उनके समस्याओं पर संज्ञान लिया जाता है। इस संवर्ग के लेवल 8 तथा 9 को राजपत्रित करने, उच्चतर प्रभार दिये जाने इत्यादि मामले पर विभाग में कार्रवाई किया जा रहा है।
सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने विभाग के कार्यक्रमों एव योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि-
सहकारिता को एक मूल्य आधारित सशक्त आर्थिक सामाजिक व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाना वर्तमान समय की मांग है। भारतीय संविधान के 97 वें संशोधन द्वारा देश के नागरिकों को सहकारी समिति के गठन का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है और राज्यों को सहकारी समितियां के गठन एवं विकास का दायित्व सौंपा गया है। सहकारिता के क्षेत्र में कृषि साख की उपलब्धता,कृषि उत्पादन के भंडारण की व्यवस्था ,खाद्यान्न अधिप्राप्ति के माध्यम से कृषकों को उनके उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाना, फसलों की क्षति होने पर बिहार राज्य फसल सहायता योजना अंतर्गत योग्य किसानों को क्षतिपूर्ति की व्यवस्था करना। पैक्सों में कृषि संयंत्र बैंक की स्थापना आदि विभाग के मुख्य कार्य हैं।

वर्ष 2024- 25 में भारत सरकार द्वारा सहकारिता के विकास हेतु 54 प्रमुख आवश्यक पहल करते हुए सहकारी क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। भारत सरकार के सहयोग से जन औषधि केंद्र, पेट्रोल डीजल आउटलेट, कॉमन सर्विस सेंटर,प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र इत्यादि पैक्सों में स्थापित किया जा रहे हैं। जिससे रोजगार सृजन के साथ-साथ पैक्सों की आय में अपेक्षित वृद्धि होगी सभी प्रकार के सहकारी समितियां का डाटा नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस पोर्टल पर संधारित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 घोषित किया गया है जिसका थीम “कोऑपरेटिव बिल्ड ए बेटर वर्ल्ड” राज्य सरकार द्वारा सहकारिता में सरकार अभियान की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारी बैंकों से सभी प्रकार की सहकारी समितियां को जोड़ते हुए माइक्रो एटीएम के माध्यम से किसान, आमजनों को डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस योजना को प्रारंभ करते हुए वर्तमान में 12 पैक्सों में बैंक मित्र द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में 1500 डेरी तथा अन्य समितियां में माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

