सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण के लिए कई योजनाओं

सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है बिहार सरकार

  • अब राज्य के 25 जिलों में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की हो रही स्थापना
  • सभी जिला सैनिक कार्यालयों के संचालन के लिए की जा रही भूतपूर्व सैन्य अधिकारियों व पूर्व फौजियों की नियुक्ति
  • निम्नवर्गीय लिपिक व कल्याण व्यवस्थापक की नियुक्ति के लिए बिहार कर्मचारी आयोग द्वारा सम्पन्न हो चुकी हैं प्रतियोगिता परीक्षाएं

पटना, 06 अगस्त।
सरहद पर अपने प्राणों की आहूति देकर देश की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, उनकी विधवाओं और आश्रितों के लिए बिहार सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं. फिलहाल राज्य के महज 13 जिलों में ही जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कार्यरत हैं. सरकार ने राज्य के 12 अन्य जिलों में नए जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की स्थापना की है. साथ ही, सेना से रिटायर होने वाले अधिकारियों और सैनिकों के पुन: नियोजन की भी राज्य सरकार ने व्यवस्था की है. कुल मिलाकर राज्य के सभी 25 जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों के संचालन की पूरी जिम्मेदारी भूतपूर्व सैनिकों को सौंपी गई है.
सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 तक राज्य के महज 13 जिलों में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कार्यरत थे. इनमें मात्र दो जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में ही जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी. उन्होंने बताया कि राज्य के जिन 12 जिलों में नए जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की स्थापना की जा रही है, उनमें नालंदा, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, कटिहार, सहरसा, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज शामिल हैं.
निदेशालय के सहायक निदेशक कर्नल एसके त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2024 में रिक्त 11 पदों पर रोस्टर एवं आरक्षण नीति के अनुसार सैन्य सेवा के भूतपूर्व अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. फिलहाल राज्य के नौ जिलों में जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है और शेष जिलों में नियुक्ति की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. कर्नल एस के त्रिपाठी ने बताया कि अब राज्य के कुल 25 जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में निम्नवर्गीय लिपिक के कुल 31 पदों पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है. बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा इन नियुक्तियों के लिए प्रतियोगिता परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है. इसी तरह इन कार्यालयों में कल्याण व्यवस्थापक के रिक्त 25 पदों पर भी भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा रही है. इसके लिए भी कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है. भूतपूर्व सैनिकों के लिए बिहार सरकार ने कार्यालय परिचारी और रात्रि पहरी जैसे पदों का भी सृजन किया है. इतना ही नहीं, जिला सैनिक कार्यालय में डाटा इंट्री ऑपरेटर के पदों पर भी भूतपूर्व सैनिकों को तैनात करने का फैसला लिया जा चुका है. इसके लिए भूतपूर्व सैनिकों के कुल 20 पर संविदा के अद्धर पर नियुक्ति की जा रही है. इन कार्यालयों में वाहन चालक के पद पर भी भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा रही है

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